नई दिल्ली, भारत – लोकसभा चुनाव के बाद और पीएम किसान की अगली किस्त से ठीक पहले, केंद्र सरकार ने किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को एक बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने PM Kisan Sampada Yojana (PMKSY) के लिए ₹6,520 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य देश में फूड प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, जिससे न केवल फसल की बर्बादी रुकेगी बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
⭐ आज की बड़ी खबर: एक नज़र में ⭐
- ✅ मुख्य घोषणा: PM Kisan Sampada Yojana के लिए ₹6,520 करोड़ के बजट को मंजूरी।
- ✅ मुख्य उद्देश्य: फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना, फसल बर्बादी को 15-20% से घटाकर 2% पर लाना।
- ✅ किसानों पर असर: बेहतर भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाओं से उपज का सही दाम मिलेगा, आय बढ़ेगी।
- ✅ आगे क्या होगा: इस फंड से देशभर में मेगा फूड पार्क्स, कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण तेज होगा।
📚 इस खबर में आगे क्या है?
🎯 कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹6520 करोड़ की मंजूरी – PM Kisan Sampada Yojana
गुरुवार देर शाम हुई CCEA की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (Ministry of Food Processing Industries) द्वारा संचालित PM Kisan Sampada Yojana को यह राशि आवंटित की गई है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से देश में एक आधुनिक और कुशल सप्लाई चेन का जाल बिछाना है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस फंड का उपयोग योजना के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं जैसे कि मेगा फूड पार्क, इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड सेफ्टी और क्वालिटी एश्योरेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा करने और गति देने के लिए किया जाएगा। यह फैसला सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें किसानों की आय को दोगुना करने और भारत को एक ग्लोबल फूड हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने इस खबर की पुष्टि की है।
🔍 क्या है PMKSY (PM Kisan Sampada Yojana) और कैसे काम करती है?
PM Kisan Sampada Yojana एक अम्ब्रेला स्कीम है जिसके तहत कई छोटी-छोटी योजनाएं शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य खेत से लेकर रिटेल स्टोर तक एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। भारत में हर साल उचित भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी के कारण हजारों करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो जाती है। PM Kisan Sampada Yojana (PMKSY) इसी समस्या का समाधान करती है।
इसके प्रमुख घटकों में शामिल हैं:
- मेगा फूड पार्क: ये ऐसे बड़े क्षेत्र होते हैं जहां कलेक्शन सेंटर से लेकर कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग तक की सभी सुविधाएं एक ही जगह पर होती हैं।
- इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन: यह एक ऐसी निर्बाध श्रृंखला है जो खेत से उपभोक्ता तक फल, सब्जियों और अन्य खराब होने वाले उत्पादों को ठंडा रखती है, जिससे उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है।
- खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमताओं का निर्माण: छोटे और मध्यम उद्यमियों को अपनी प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य सीधे तौर पर 20 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाना और देश में 5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है।
💡 किसानों और अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा? PM Kisan Sampada Yojana
विशेषज्ञों का मानना है कि ₹6,520 करोड़ का यह निवेश भारतीय कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकता है। सबसे बड़ा और सीधा फायदा किसानों को होगा। अभी तक, फसल कटाई के बाद किसान को उसे तुरंत बाजार में बेचना पड़ता है, चाहे दाम कुछ भी मिल रहा हो, क्योंकि उसके पास भंडारण की सुविधा नहीं होती।
कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस बनने से किसान अपनी उपज को कुछ समय के लिए रोक सकेगा और सही दाम मिलने पर बेचेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी। इसके अलावा, जब फल और सब्जियों को प्रोसेस करके जैम, जूस, चिप्स या फ्रोजन प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं, तो उनका मूल्य कई गुना बढ़ जाता है। PM Kisan Sampada Yojana इसी वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देती है, जिसका सीधा लाभ किसानों की जेब में जाएगा। अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से, यह ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा और प्रोसेस्ड फूड के निर्यात में वृद्धि करेगा, जिससे विदेशी मुद्रा की कमाई होगी।
📈 भविष्य की राह: आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खाद्य प्रसंस्करण एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। भारत दुनिया में दूध, फल और सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन प्रसंस्करण का स्तर अभी भी बहुत कम है।
सरकार द्वारा PM Kisan Sampada Yojana में किया गया यह निवेश न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि महंगाई को नियंत्रित करने में भी मदद करेगा। जब सप्लाई चेन कुशल होगी और बर्बादी कम होगी, तो उपभोक्ताओं को भी उचित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध होंगे। यह कदम निश्चित रूप से भारत को एक कृषि-शक्ति से एक खाद्य प्रसंस्करण महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
❓ इस खबर से जुड़े कुछ सवाल
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)
यह लेख हालिया समाचारों पर आधारित है और सूचना के उद्देश्यों के लिए है। वित्तीय या किसी अन्य प्रकार का निर्णय लेने से पहले, कृपया एक योग्य पेशेवर से सलाह लें। सरकारी योजनाओं और बाजार की घटनाएं तेजी से बदल सकती हैं।